उन ने तो मुझ को झूटे भी पूछा न एक बार
मैं ने उसे हज़ार जताया तो क्या हुआ
“They never even once questioned me as a liar, So what if I declared it a thousand times?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
उन लोगों ने तो मुझ पर झूठा भी एक बार सवाल नहीं किया, तो मैंने उसे हज़ार बार जाहिर कर दिया तो क्या हुआ।
विस्तार
यह शेर बेवफाई और अनसुना किया गया प्यार दोनों की बात करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि अगर महबूब ने कभी भी आपके प्यार की सच्चाई पर सवाल नहीं उठाया, तो आपको उसे हज़ार बार इज़हार करने से क्या फ़र्क़ पड़ता है? यह उन एहसासों पर सवाल उठाता है जब हमारा प्रयास व्यर्थ हो जाता है। यह प्रेम में आत्म-सम्मान का एक गहरा चिंतन है।
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