हसरत-ए-वसल-ओ-ग़म-ए-हिजर-ओ-ख़्याल-ए-रुख़-ए-दोस्त
मर गया मैं पे मिरे जी में रहा क्या क्या कुछ
“The yearning for union, the sorrow of separation, and the thought of the beloved's face; what all has happened in my heart, I am dead.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे जी में क्या-क्या हुआ, मैं मर गया। (यह पंक्ति प्रेम की यादों और भावनाओं के तीव्र अनुभव को दर्शाती है।)
विस्तार
यह शेर इश्क़ की अमरता का बेहतरीन तसव्वुर है। शायर कहते हैं कि ज़िंदगी में तमाम भावनाएँ... वस्ल की हसरत, हिज्र का ग़म, और महबूब के ख़याल... सब कुछ था। लेकिन असली बात दूसरी लाइन में है—मर गया मैं, पर दिल में सब कुछ रहा। इसका मतलब है कि जब मुहब्बत दिल में बस जाती है, तो मौत भी उसे मिटा नहीं सकती।
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