भूल जाना नहीं ग़ुलाम का ख़ूब
याद ख़ातिर रहे मिरा साहब
“Do not forget the charm of your slave, For I remain in your memory, my master.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
मेरे मालिक, आप मेरे गुलाम के गुण भूलिएगा नहीं, क्योंकि मैं आपकी यादों में जीवित हूँ।
विस्तार
यह शेर याद रखने की एक बहुत ही गहरी गुहार है। शायर कह रहे हैं कि आप मुझे भुला देना, लेकिन सिर्फ़ याद में... मेरा नाम ज़िंदा रखना। आशिक़ का सबसे बड़ा डर क्या होता है? कि उसका कोई वजूद ही न रह जाए। इसलिए वह महबूब से नहीं, बल्कि वक़्त से अपनी याददाश्त को बचाना चाहता है।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
