वे होंट कि है शोर-ए-मसीहाई का जिन की
दम लेवें न दो-चार को ता जी से न मारें
“Whose lips are the noise of false promises, They neither take the life of a few nor kill (others).”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिनके होंठ मसीहाई के झूठे शोर से भरे हैं, वे न तो किसी के कुछ जीवन लेते हैं और न ही किसी को मारते हैं।
विस्तार
यह शेर किसी ऐसे शाश्वत और दिव्य बल की बात करता है, जो केवल शब्दों में होता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि कुछ होंठ ऐसे हैं जिनका शोर 'मसीहाई' (पुनर्जन्म या महान घटना) जैसा है। ये इतने शक्तिशाली हैं कि इन्हें सांस लेने से भी बुझाया नहीं जा सकता, न ही साधारण चोट से शांत किया जा सकता है। यह किसी अमर सत्य को दर्शाता है।
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