हर-चंद ज़ब्त करिए छुपता है इश्क़ कोई
गुज़रे है दिल पे जो कुछ चेहरे ही से अयाँ है
“Every beloved hides a secret love; what ever graced the heart, it's only a display of faces.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
हर-चंद को ज़ब्त करने की कोशिश मत करो, क्योंकि इश्क़ कोई छुपता है। जो कुछ भी दिल से गुज़रा है, वह केवल चेहरों का एक प्रदर्शन है।
विस्तार
यह शेर दिल की उस उलझन को बयान करता है, जब हम किसी चीज़ को नियंत्रित करना चाहते हैं, पर वो हमारे काबू से बाहर होती है। शायर कहते हैं कि इश्क़ को थोड़ा-सा ज़ब्त करना पड़ता है, पर जो चेहरे, जो यादें... वे कभी दिल से नहीं जातीं। वे तो बस आँखों के सामने, हमेशा 'अयाँ' (visible) रहती हैं। यह यादों का एक गहरा, मीठा दर्द है।
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