इश्क़ का जज़्ब हुआ बाइ'स-ए-सौदा वर्ना
यूसुफ़-ए-मिस्र ज़ुलेख़ा का ख़रीदार न था
“Unless the passion of love had taken hold, or it was not the buyer of Zeuchessa, the Joseph of Egypt.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
यदि प्रेम का भाव नहीं होता, तो यूसुफ़-ए-मिस्र ज़ुलेख़ा का क्रेता नहीं होता।
विस्तार
यह शेर इश्क़ की असीमित ताक़त को बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि इश्क़ का जो जज़्बा है, वह इतना बड़ा सौदा था कि उसने यूसुफ़ को ज़ुलेख़ा का ख़रीदार बना दिया। यह बताता है कि जब मोहब्बत दिल पर कब्ज़ा कर लेती है, तो वह न सिर्फ़ दिलों को, बल्कि तक़दीरों को भी बदल सकती है।
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