जिस सैद-गाह-ए-इश्क़ में यारों का जी गया
मर्ग उस शिकार-गह का शिकार रमीदा था
“The place of love where my friends' spirits resided, Was the hunting ground where the prey was captured.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
जिस प्रेम स्थल पर दोस्तों का जीवन गुज़रा, वह शिकार का मैदान था जहाँ शिकार किया गया।
विस्तार
यह शेर इश्क के गहरे और थोड़े दर्द भरे पहलू को छूता है। शायर कहते हैं कि जिस जगह पर हमने अपने दोस्तों के साथ इश्क़ जिया.... वह जगह भी किसी शिकारगाह जैसी थी! इसका मतलब है कि हमारा प्यार कितना भी पवित्र क्यों न लगे, वह शायद उतना ही क्षणभंगुर और नाटकीय था, जैसे किसी शिकारी का शिकार। यह इश्क़ की उस अस्थिरता को बयां करता है, जो दिल को सुकून भी देती है और बेचैनी भी!
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