“With fiercely hot rays, the sun does brightly gleam,Many a mirage in arid lands does seem.”
सूर्य अपनी अत्यंत गरम किरणों से चमकता है। खारी जगहों पर कई मृगजल दिखाई देते हैं।
यह दोहा हमें रेगिस्तान में दिखने वाले एक आम नज़ारे की याद दिलाता है। यह कहता है कि जब सूरज की किरणें बहुत तेज़ और गर्म होती हैं, खासकर बंजर या खारी ज़मीनों पर, तब हमें अक्सर मृगतृष्णा दिखाई देती है। इसे ऐसे समझें जैसे आप किसी गर्म सड़क पर दूर पानी का एक चमकता हुआ तालाब देखते हैं, लेकिन पास जाने पर पता चलता है कि वह सिर्फ गर्मी से पैदा हुआ एक भ्रम है। यह खूबसूरती से बताता है कि कैसे अत्यधिक गर्मी में हमारी आँखें हमें धोखा दे सकती हैं, जिससे हम ऐसी चीज़ देखते हैं जो वास्तव में वहाँ है ही नहीं, ठीक वैसे ही जैसे एक प्यासा हिरण पानी की तलाश में भागता है पर पानी मिलता नहीं।
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