“When fierce hot winds pour, and all around grows bare,The waters of rivers and lakes dry up everywhere.”
जब तेज़ गर्म हवाएँ चलती हैं और चारों दिशाएँ सूनी हो जाती हैं, तो नदियों और सरोवरों का पानी सूख जाता है।
यह दोहा अत्यधिक गर्मी और सूखे का सजीव चित्रण करता है। यह उस समय का वर्णन करता है जब कठोर, झुलसा देने वाली हवाएँ चलती हैं, जिससे चारों दिशाएँ सूनी और खाली लगने लगती हैं। गर्मी इतनी तीव्र होती है कि नदियाँ और झीलें, जो आमतौर पर जीवनदायिनी पानी से भरी होती हैं, पूरी तरह सूख जाती हैं। यह एक भीषण गर्मी के दौरान प्रकृति की कठोरता और पानी की कमी को खूबसूरती से दर्शाता है, जिससे परिदृश्य बंजर और शांत हो जाता है। यह छंद वास्तव में प्रकृति के तत्वों की शक्तिशाली और कभी-कभी विनाशकारी शक्ति पर प्रकाश डालता है।
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