શોભે કેવાં બહુ ખડ અને ધાન્ય તે ખેતરોમાં,
ઝાડો લીલાં વિવિધ ફૂલડાં વંન ને વાડીઓમાં!
“How splendid are the many grasses and grains in those fields, Trees verdant, with various blossoms in forests and gardens!”
— नर्मद
अर्थ
खेतों में ढेर सारी घास और अनाज कितने शानदार लगते हैं। हरे-भरे पेड़ और तरह-तरह के फूल वनों और बगीचों में शोभा बढ़ाते हैं।
विस्तार
यह दोहा प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का वर्णन करता है। यह बताता है कि खेतों में उगी हुई ढेर सारी घास और अनाज कितने सुंदर लगते हैं। साथ ही, यह वनों और बगीचों की हरियाली को भी दर्शाता है, जहाँ हरे-भरे पेड़ और तरह-तरह के रंगीन फूल अपनी शोभा बढ़ाते हैं। यह पंक्तियाँ हमें अपने आसपास की प्राकृतिक दुनिया की शांति और भव्यता की याद दिलाती हैं, जो अपनी सादगी में भी बहुत आकर्षक है।
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