सर झुकाए हुए है 'नज़्म' बसान-ए-ख़ामा सम्त सज्दे की है तेरी ख़त-ए-फ़रमाँ की तरफ़

“With head bowed low just like a pen of reed, does Nazm bow down; / The direction of his prostration turns toward your royal decree.”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

नज़्म एक क़लम की तरह अपना सिर झुकाए हुए है, और उसके सजदे का रुख़ आपके हुक्मनामे की ओर है।

विस्तार

यहाँ शायर 'नज़्म' ने ख़ुद को क़लम (ख़ामा) की तरह सर झुकाए हुए दिखाया है, जो काग़ज़ पर चलने से पहले अपनी नोक झुका लेता है। उनका यह झुकना महबूब या अपने हाकिम के फ़रमान और हुक्म के आगे मुकम्मल समर्पण का प्रतीक है। गोया शायर के लिए सजदे का रुख़ मक्के की तरफ़ नहीं, बल्कि महबूब के लिखे हुए फ़रमान की तरफ़ है, जो बेपनाह वफ़ादारी और अक़ीदत को ख़ूबसूरती से बयां करता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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