દિન આખાનો ભાર બધો યે
મલયસમીરે
“All the day's burden, every bit,By the Malaya breeze, is gently quit.”
— सुरेश दलाल
अर्थ
दिन भर का सारा बोझ मलय समीर द्वारा धीरे से हर लिया जाता है।
विस्तार
सोचिए एक लंबे, थका देने वाले दिन के बारे में, जो कामों और चिंताओं से भरा हो। यह दोहा खूबसूरती से बताता है कि उस पूरे दिन का सारा बोझ, सारा भार कैसे धीरे से दूर हो जाता है। यह ऐसा है जैसे एक नरम, ठंडी हवा, मानो सुगंधित मलय पर्वतों से बहकर आ रही हो, आपकी मदद के लिए आती है। यह शांति और सुकून पाने का एक रूपक है, शायद प्रकृति में, या किसी शांत पल में, जो सभी तनाव और थकान को धो देता है, आपको तरोताजा और हल्का महसूस कराता है। यह एक शांत पल की ताजगी देने वाली शक्ति को दर्शाता है।
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