पेचीदा मसाइल के लिए जाते हैं इंग्लैण्ड ज़ुल्फ़ों में उलझ आते हैं शामत है तो ये है

“They journey to England to unravel affairs tangled and deep, / Yet return ensnared in tresses—such is the misfortune they reap.”

— अकबर इलाहाबादी
अर्थ

लोग जटिल समस्याओं को सुलझाने के लिए इंग्लैंड जाते हैं, लेकिन वहाँ जुल्फ़ों में उलझ कर आ जाते हैं; दुर्भाग्य हो तो ऐसा ही होता है।

विस्तार

यह शेर बड़े ही चुटीले और मज़ाकिया अंदाज़ में उस दौर के नौजवानों पर तंज़ करता है। लोग मुल्क के बड़े और पेचीदा मसले सुलझाने की खातिर तालीम लेने इंग्लैंड जाते हैं, मगर वहां जाकर किसी महबूब की ज़ुल्फ़ों के जाल में खुद ही उलझ बैठते हैं। शायर मुस्कुराते हुए कहते हैं कि जो अक्ल दुनिया भर की गुत्थियां सुलझाने निकली थी, वह हुस्न के एक पेंच के सामने हार गई—और यही उनकी सबसे प्यारी शामत यानी मुसीबत है!

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