चौसर का लुत्फ़ ये है कि जिस वक़्त पो पड़े हम बर-चहार बोले तो बर-पंज ले चला

“Such is the charm of the dice game: when fortune's winning roll is cast, / Should we call out for four, destiny bears us away to five.”

— बहादुर शाह ज़फ़र
अर्थ

चौसर के खेल का मज़ा यही है कि जब भी जीत का अनुकूल पासा पड़ता है, तो अगर हम चार मांगते हैं, तो वह पाँच की तरफ़ ले जाता है।

विस्तार

शायर ने ज़िंदगी और क़िस्मत के खेल को चौसर की बाज़ी के ज़रिए बेहद ख़ूबसूरती से समझाया है। 'पौ पड़ना' बड़ी खुशक़िस्मती और जीत की निशानी है, मगर मज़ा यह है कि जब इंसान सोचता है कि सब कुछ उसके बस में है, तब भी आख़िरी फ़ैसला तक़दीर का ही होता है। हम चार का इरादा करते हैं और क़िस्मत हमें पाँच की तरफ़ ले जाती है—यह शेर ज़िंदगी की इसी मीठी बेबसी और अनपेक्षित अंदाज़ को बड़ी नज़ाकत से बयां करता है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

ऑडियो

पाठUnavailable
हिंदी अर्थUnavailable
अंग्रेज़ी अर्थUnavailable
हिंदी विस्तारUnavailable
अंग्रेज़ी विस्तारUnavailable
Comments · 0

Free — just your email. You'll come right back here.

No comments yet. Be the first.