આપનો ઉત્તર એકે ન આવ્યો, એ થકી થઈ છું ઉદાસી;
નકી બેઠી થઈને નિરાશી, ઘેર આવો વસંત વિલાસી.
“No single answer came from you, and so I am filled with sadness;Surely I sit here, in despair, come home, oh Spring of loving gladness.”
— दलपतराम
अर्थ
आपका एक भी उत्तर न आने से मैं उदास हो गई हूँ। मैं निश्चित रूप से निराशा में बैठी हूँ; हे प्रिय वसंत, घर वापस आओ।
विस्तार
यह दोहा एक प्रेमी की गहरी उदासी और व्याकुलता को दर्शाता है, जिसे अपने प्रिय से कोई जवाब नहीं मिला है। प्रेमी कहता है कि उसका कोई उत्तर न आने के कारण वह बहुत उदास हो गया है। वह निराश होकर बैठा है और अपने प्रिय को 'वसंत विलासी' कहकर घर लौटने का आग्रह करता है। यह छंद गहरे प्रेम और संवाद की कमी से उत्पन्न हुई पीड़ा को व्यक्त करता है, जहाँ प्रिय की वापसी ही सारी आशा जगा सकती है।
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