वफ़ूर-ए-बला है हुजूम-ए-वफ़ा है सलामत मलामत मलामत सलामत

“An abundance of affliction, a multitude of fidelity; Long live the reproach, safe be the reproach!”

— मिर्ज़ा ग़ालिब
अर्थ

यहाँ मुसीबतों की भरमार और वफ़ा का हुजूम है; ज़माने के ताने और लानत-मलामत हमेशा सलामत रहें।

विस्तार

इस ख़ूबसूरत शेर में आशिक़ अपनी मोहब्बत के उस मुक़ाम की बात कर रहा है जहाँ मुसीबतों और वफ़ा का सैलाब एक साथ उमड़ पड़ा है। दुनिया की तोहमतें और रुसवाइयाँ उसे डराती नहीं, बल्कि वह तो उनके सलामत रहने की दुआ माँगता है। उसके लिए ज़माने का यह ताना ही उसकी सच्ची वफ़ा का सबसे बड़ा सुबूत और एज़ाज़ बन चुका है।

Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.

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