કે વ્રતઉત્સવ જગ ઊજવે,
મારે ગળે ન આવે ગીત-
“While the world celebrates fasts and festivals,No song comes to my throat-”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
जब संसार व्रत और उत्सव मना रहा है, तब मेरे गले से कोई गीत नहीं निकलता है।
विस्तार
यह दोहा दुनिया से अलग-थलग महसूस करने वाले व्यक्ति की गहरी भावना को दर्शाता है। यह बताता है कि जहाँ हर कोई खुशी से व्रत और त्योहार मना रहा है, वहीं वक्ता इसमें शामिल नहीं हो पाता है। एक गहरी उदासी या मन का भारीपन उनके गले से कोई गीत या joyful अभिव्यक्ति निकलने नहीं देता। यह व्यापक खुशी के बीच व्यक्तिगत दुख की भावना को खूबसूरती से दर्शाता है, उस एकाकीपन को उजागर करता है जब किसी की आंतरिक स्थिति बाहरी उत्सव के माहौल से मेल नहीं खाती। यह एक ऐसी आत्मा के बारे में है जो इतनी बोझिल है कि वह गा भी नहीं सकती।
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