જરા અડકી ને હાથ સસડી ગયા રે,
ધણી! ધગધગતાં વજ્ર મૂકીને ગયા રે
“My hand recoiled with a mere touch,O Lord! You left a blazing thunderbolt.”
— ज़वेરचंद मेघानी
अर्थ
जरा छूते ही मेरा हाथ सरक गया, हे धणी! आप धगधगता वज्र छोड़कर चले गए।
विस्तार
यह दोहा एक अत्यंत गहन अनुभव का वर्णन करता है, शायद किसी आध्यात्मिक या भावनात्मक जुड़ाव का। कवि कहते हैं कि ज़रा-सा छूने भर से उनके हाथ जल गए या फिसल गए। वे फिर पुकारते हैं, "हे प्रभु! आप तो धधकते हुए वज्र छोड़ गए!" यह उस मुलाकात के तीव्र, शक्तिशाली और स्थायी प्रभाव को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि वह उपस्थिति इतनी प्रबल और अग्निपूर्ण थी कि उसने एक गहरा और अटूट छाप छोड़ दी, एक शक्तिशाली ऊर्जा जो स्रोत के चले जाने के बाद भी अनुगूंजित होती रहती है। यह एक गहरे, परिवर्तनकारी और तीव्रता से महसूस किए गए जुड़ाव के बारे में है।
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