“What are the world's tempests, and what are we, 'Mariz'?The ocean's might has been exhausted in the rudder.”
दुनिया के तूफ़ान क्या हैं और हम 'मरीज़' क्या हैं? समुद्र की असीम शक्ति पतवार में ही समाप्त हो गई है।
यह खूबसूरत शेर 'मरीज़' की आंतरिक पीड़ा और संघर्ष को दर्शाता है। कवि कहते हैं कि दुनिया के बड़े-बड़े तूफ़ान कहाँ और मैं कहाँ, मानो उनके लिए संसार की मुश्किलें गौण हो गई हों। दूसरी पंक्ति में गहरा बिंब है: सागर की पूरी शक्ति मानो एक छोटी सी पतवार में सिमट गई हो। इसका अर्थ है कि जीवन की सारी overwhelming शक्ति और चुनौतियाँ सीधे कवि की दिशा निर्धारित करने की क्षमता, उनके नियंत्रण या मार्गदर्शन पर ही केंद्रित हो गई हैं। यह एक मार्मिक तरीका है यह बताने का कि व्यक्तिगत संघर्ष कितने गहन और विशाल हो सकते हैं, जैसे कि समूचा सागर उनकी छोटी सी पतवार पर ही दबाव डाल रहा हो।
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