अब सई कर सिपहर कि मेरे मूए गए
उस का मिज़ाज मेहर पे आया तो क्या हुआ
“Now, if the beloved, whose charms have been stolen from me, Should fall for my heart, then what would become of me?”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
अब सई कर सिपहर कि मेरे मूए गए, उस का मिज़ाज मेहर पे आया तो क्या हुआ। इसका शाब्दिक अर्थ है कि यदि प्रिय, जिसका मन मेरे वश में हो गया है, अचानक मेरे प्रति स्नेह दिखाए तो मेरा क्या होगा।
विस्तार
यह शेर उस दिल टूटने की बात करता है, जो सुबह के सवेरे महबूब के जाने से होता है। शायर कहते हैं कि अब सुबह हो चुकी है और वह जा चुकी है। इसलिए, अगर उसका मिजाज बाद में भी प्यार करने वाला हो जाए, तो क्या फ़ायदा? क्योंकि जो दर्द पहले हुआ है, वह किसी बदलाव से नहीं मिट सकता।
Comments
Read-only on web. Join the conversation in the Sukhan AI mobile app.
No comments yet.
