तलवार का भी मारा ख़ुदा रक्खे है ज़ालिम
ये तो हो कोई गोर-ए-ग़रीबाँ में दर आवे
“The cruel one, even from the sword's strike, keeps God alive; if someone arrives at the door of the stranger's gaze, this is what will happen.”
— मीर तक़ी मीर
अर्थ
ज़ालिम ने तो तलवार के वार से भी ईश्वर को जीवित रखा है; जब कोई अजनबी की निगाह में दर आवेगा, तब ऐसा होगा।
विस्तार
यह शेर दर्द और लाचारी की हकीकत बयान करता है। मिर्ज़ा तक़ी मीर कहते हैं कि ज़ालिम की क्रूरता ऐसी है कि वह तलवार से घायल होने के बाद भी ज़िंदा रखती है। असली ख़तरा चोट में नहीं, बल्कि उस वक़्त है जब आप किसी अपरिचित जगह पर अकेले पड़ जाते हैं। यह अकेलेपन और बेबसी के एहसास को बयां करता है।
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