“No friendship lingers in this world today; if paths should cross along the way, / Neither has any care for the other—one walks this side, the other drifts away.”
अब इस दुनिया में कोई दोस्ती बाकी नहीं रही है; अगर कभी रास्ते में लोग मिल भी जाएँ, तो किसी को एक-दूसरे से कोई मतलब नहीं होता, एक इस तरफ़ चला जाता है और दूसरा उस तरफ़ निकल जाता है।
यह शेर आज की मतलबी और बेपरवाह दुनिया की एक बेहद सच्ची और दर्दभरी तस्वीर खींचता है। शायर कहता है कि अब रिश्तों में वह पुराना अपनापन और ठहराव नहीं बचा; लोग अगर कभी रास्ते में मिल भी जाएं, तो सिर्फ एक बेगाना सा सामना होता है और दोनों अपनी-अपनी राह चल पड़ते हैं। यह सादा सा मंज़र असल में उस गहरे अकेलेपन को दिखाता है, जहाँ भीड़ तो बहुत है लेकिन किसी को किसी के दिल का हाल जानने की फुर्सत नहीं।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
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