“To whom can I convey the spell her coquettish grace has cast? I only yearn for death, while she presumes that I have died.”
उसके नाज़-ओ-अंदाज़ का मुझ पर जो असर हुआ है, उसे मैं किससे बयान करूँ; मुझे तो बस मौत की तमन्ना है, जबकि उसे यह वहम हो गया है कि मैं मर चुका हूँ।
इस शेर में आशिक़ महबूब की अदाओं और नाज़-ओ-अंदाज़ के उस जानलेवा असर की बात कर रहा है, जिसे लफ़्ज़ों में बयाँ करना नामुमकिन है। यहाँ एक बड़ा ही दर्दनाक तंज़ है—आशिक़ तड़प की इस इंतिहा पर है कि वह सुकून के लिए मौत की दुआ माँग रहा है, जबकि बेपरवाह महबूब यह मान बैठा है कि वह तो पहले ही मर चुका है। यानी आशिक़ एक ज़िंदा लाश बन कर रह गया है और उसका महबूब इस बेबसी से पूरी तरह बेख़बर है।
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