किसे तू सुनाता है हम-नशीं कि है इश्वा-ए-दुश्मन-ए-अक़्ल-ओ-दीं तिरे कहने का है मुझे यक़ीं मैं तिरे डराने से डर गया

“To whom do you preach, dear companion, that her wiles ruin reason and creed? / I take you entirely at your word—see, I am terrified indeed!”

— नज़्म तबातबाई
अर्थ

ऐ दोस्त, तू किसे समझा रहा है कि महबूब का नाज़-ओ-अंदाज़ अक़्ल और धर्म का दुश्मन है? मुझे तेरी बात पर पूरा यक़ीन है, मानो मैं तेरे डराने से सचमुच डर गया हूँ।

विस्तार

इस शेर में आशिक़ अपने शुभचिंतक दोस्त की नसीहतों का बड़े ही चुटीले और तंज़िया अंदाज़ में जवाब दे रहा है। दोस्त चेतावनी देता है कि महबूब के नाज़-ओ-अंदाज़ इंसान की अक़्ल और ईमान दोनों को तबाह कर देते हैं, जिस पर आशिक़ मुस्कुराते हुए कहता है कि 'हाँ भाई, मैं तो तुम्हारी बात सुनकर बहुत डर गया!' यह दरअसल इश्क़ की वह बेपरवाह दीवानगी है, जहाँ प्रेमी सारे ख़तरे और नुक़सान जानते हुए भी उस बर्बादी को गले लगाने के लिए पूरी तरह तैयार रहता है।

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