“The secret cannot stay concealed, as every gaze must dart— / Toward the hem of her robe, and toward my collar torn apart.”
बात छिप नहीं सकती क्योंकि सभी की नज़रें उसके दामन और मेरे फटे हुए गरेबान की तरफ़ उठती हैं।
शायर कहते हैं कि इश्क़ का राज़ चाहे जितना छुपाने की कोशिश की जाए, दुनिया की तेज़ नज़रों से बच नहीं पाता। लोग बार-बार महबूब के दामन और आशिक़ के फटे हुए गिरेबाँ की तरफ़ देखते हैं, क्योंकि सारा सच इन्हीं दो जगहों पर साफ़ नज़र आ रहा है। गिरेबाँ का तार-तार होना आशिक़ की दीवानगी और दर्द को बयां करता है, और दोनों के बीच का यह ख़ामोश रिश्ता पूरे ज़माने पर ज़ाहिर हो जाता है।
Interpretation note: meanings and explanations may be AI-assisted and should not replace a primary text or scholarly edition. See the editorial policy.
ऑडियो
Free — just your email. You'll come right back here.
No comments yet. Be the first.
